10 Tips Chote Baccho Ko Padhana Sikhe

क्या आप भी अपने छोटे बच्चो को सही ढंग से पढ़ाना चाहते हैं? आज हम आपको ऐसे ही कुछ असरदार tips शेयर करेंगे कैसे chote baccho ko padhana hai और बच्चों को पढाने का तरीका क्या है. अगर आप भी एक parents हैं और छोटे बच्चों को सही शिक्षा देना चाहते हैं तो हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे कैसे आप उनको पढ़ा सकते हैं.

Chote Baccho Ko Padhana Sikhe

दोस्तों padhai karna बहुत जरुरी माना गया है पढाई ही एक ऐसी चीज़ है जिससे आपको एक सफल इंसान बनने की प्रेरणा मिलती है और एक पढ़ा लिखा इंसान ही आज की दुनिया के साथ मिलकर रह सकता है इसीलिए parents अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बहुत पैसा खर्च करते हैं.

तो chote बच्चों को पढ़ाने के कौनसे तारीके हैं जिनको अपनाकर पेरेंट्स अपने छोटे बच्चो (Nursey Ke Baccho Ko Padhane Ka Tarika) को पढाई के लिए रुचि बना सकते हैं आज हम आपको उन्ही टिप्स के बारे में बताने वाले हैं. 

जब एक छोटा बच्चा पढ़ने के लिए पहली बार घर से निकलता है तो उसके लिए बाहर की दुनिया एक दम अलग और नई होती है जिसके चलते उसको आने वाले टाइम में थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है. 

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इसीलिए आपने कई बार देखा होगा हमारे देश में जब छोटे बच्चें पढ़ने के लिए स्कूल जाते हैं तो उनको स्कूल भेजना बहुत बड़ी दिक्क्त हो जाती है जिसके चलते कई बार पेरेंट्स परेशान हो जाते हैं.

बच्चों का स्कूल ना जाने के लिए रोना केवल हमारे देश में नहीं है यह हर उस देश की प्रॉब्लम होती है जो अभी तक सही ढंग से डेवलॅप नहीं हुआ.

भारत में छोटे बच्चों को पढ़ना जितना कठिन काम है उतना ही कठिन उनके पेरेंट्स को अपने बच्चों को पढ़ाना होता है खासकर उन पेरेंट्स के लिए जो Uneducated होते हैं.

अगर apko chote baccho ko padhana hai तो आपको निचे दी गए टिप्स को फॉलो करना होगा और इन सभी baccho ko padhane ki हिंदी टिप्स को फॉलो करके nursery क्लास se hi बच्चो की पढाई पर पकड़ बना सकते हैं. 

Chote Baccho Ko Padhane Ke Tips 

  1. Study टाइम टेबल बनाएं

  2. पढ़ने के लिए उनको फाॅर्स मत करें

  3. उनको अनुसाशन में रहना सिखाएं

  4. खेलते खेलते उनको पढ़ाएं

  5. पढ़ाने के नए तरीके खोजें

  6. उन्हें टूशन पे भेजें

  7. पढ़ने के लिए उत्साहित करें

  8. अच्छे स्कूल से शिक्षा दिलवाएं

  9. उनको आज्ञाकारी बनायें

  10. उठने, बैठने, और बोलने की तहज़ीब सिखाएं

इन टिप्स को फॉलो करके आप अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ उनको सही ढंग से रहने, खाने पीने की जानकारी दे सकते है और एक parents होने के नाते आपका फ़र्ज़ बनता है की आप उनको सही दिशा दें.

लोग कहते हैं अगर किसी की फॅमिली को समझना चाहते हैं तो आपको सिर्फ उनके बच्चों की तरफ ध्यान देना है आपको पता चल जायगा की उस फैमिली के लोग कैसे होंगे.

chote baccho ko padhana
Chote baccho ko padhana sikhe

अब हम छोटे बच्चों को पढ़ाने के इन टिप्स के बारे में डिटेल में जान लेते हैं जो आपको बच्चों को पढ़ाने के लिए हेल्पफुल रहेंगे. ayiye jan lete hain chote baccho ko padhane ke tips in hindi.

Study टाइम टेबल बनाएं Chote Baccho Ko Padhana 

बच्चें चाहें छोटे हो जा बड़े पढाई करने के फॉर्मूले same ही रहते हैं बस छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए फॅमिली की जरूरत पड़ती है और बड़े बच्चों को टिप्स की. 

अगर आपके बच्चे 10 से 15 साल के बीच के हैं तो आपको उनके लिए एक study टाइम टेबल बनाना होगा यह ज्यादा हार्ड नहीं होना चाहिए इससे होगा यह की आपके बच्चे को एक समय में पढ़ने की आदत हो जायगी और आगे चलकर वो आपके बिना बोले ही पढ़ने बैठ जाया करेगा.

study टाइम टेबल अपने बच्चे की पढाई के हिसाब से बनाएं अगर आपका बच्चा टूशन भी जाता है तो टाइम टेबल को थोड़ा easy ही बनायें, जिससे आपके बच्चे पर ज्यादा बोझ ना पड़े.

पढ़ने के लिए उनको Force मत करें

कुछ parents अपने बच्चों को पढ़ने के लिए बहुत ज़ोर देते हैं जिससे बच्चे पढाई को ignore करने लग जाते हैं और एक समय ऐसा भी आता है जब बच्चा पढाई को कुछ वैल्यू नहीं देता. 

Parents होने के नाते आप अपने बच्चों पर फाॅर्स तो कर सकते हैं पढाई को लेकर पर ऐसा ज्यादा करने से आपके बच्चे पर उल्टा असर भी पड़ेगा तो आगे से आप अपने बच्चों पर पढाई को लेकर कभी फाॅर्स मत करें.

बच्चों को पढाई में लगाने के लिए आपको उनके अंदर पढाई की वैल्यू के बारे में समझाना होगा उनको यह दिखाना होगा की Padhai करके वो क्या पा सकते हैं और अपने हर सपने को पूरा कर सकते हैं. 

उनको अनुसाशन में रहना सिखाएं

ज़िन्दगी में सिर्फ वोही कामज़ाब होते हैं जो खुदको अनुसाशन में रखते हैं आपको भी अपने बच्चों को अनुसाशन में रहने की जानकारी देनी चाहिए उनको समझाना चाहिए की उनको दुसरो के सामने कैसे पेश आना है कैसे दुसरो से बात करनी है. 

जब आप अपने बच्चे को सही ढंग से जीने की कला सिखाएं उनको ज़िन्दगी के सही मायने समझाना आपका फ़र्ज़ है और अनुसाशन से ही आप अपने बच्चों को सही दिशा दे पाएंगे। 

अनुसाशन बहुत प्रकार का होता है जिसको आपको समझाना होगा जब आप अपने बच्चों को इसका ज्ञान देंगे तो अनुसाशन दुसरो ke ऊपर force डालने को कभी नहीं कहता और जिसको करने से दूसरे लोग परेशान हों जा फिर वो काम उनको ख़ुशी ना दे परन्तु उसी के लिए बच्चों पर ज़ोर डालना अनुसाशन नहीं होता. 

सही लफ़्ज़ों में अनुसाशन इंसान के अंदर से निकालता है पर parents होने का यह फायदा है की आप अपने छोटे बच्चों को किसी भी काम की वैल्यू समझा सकते हैं जबतक आपका बच्चा काम की वैल्यू और उससे होने वाले फायदे को नहीं समझेगा तबतक उसको अनुसाशन की समझ नहीं आएगी.

खेलते खेलते उनको पढ़ाएं

ज्यादातर parents ऐसा ही करते हैं क्युकी ऐसा करके ही आप बच्चों को पढ़ा सकते हैं और chote baccho ka padhai mein man लगा sakte हैं.आप अपने बच्चों को लालच दे सकते जिससे वो पढ़ने में कभी देरी नहीं करेंगे जैसे की आप उनको बोल सकते हैं की उसको नई टॉयज देंगे अगर वो क्लास में अच्छे अंक लेकर आएगा तो. 

कोसिस करे की जब आपका बच्चा अच्छे अंक लेकर आये तो उसको सरप्राइज गिफ्ट दें जिससे उसके अंदर और पढ़ने की ईशा बने और हर साल उसकी पढाई में सुधार आता जायगा.

पढ़ाने के नए तरीके खोजें

जबतक आप अपने बच्चों को एक ही तरीके से पढ़ाते रहेंगे तबतक उनकी पढाई में सुधार आना थोड़ा मुश्किल हो जायगा इसीलिए उनको कैसे पढ़ाएं जैसे नए नए तरीको को ढूंढ़ना चाहिए ऐसा करने से वह पढ़ते समय बोर भी नहीं होंगे। 

आप अपने आस पास के बच्चों को ईकठा करके एक साथ पढ़ा सकते हैं नहीं तो अपनी सोसाइटी के सभी parents मिलकर बच्चों की एक समय क्लास ले सकते हैं क्युकी जब बच्चे एक साथ पढ़ेंगे तो उनका मन जल्दी पढाई में लगेगा. 

उन्हें टूशन पे भेजें

chote बच्चो को किसी बढ़िए tuition teacher के पास भेजें जिससे वो पढाई करने के नए नए टिप्स और ट्रिक्स को जान सकें पर पेरेंट्स होने के नाते आपको ट्यूशन टीचर ऐसी देखनी चाहिए जो आपके बच्चों को प्यार से पढ़ा सके क्युकी डरकर पढ़ा हुआ बच्चा आगे चलकर पढ़ना छोड़ देगा. 

हमेशा ऐसा टीचर ढूंढें जो काफी समय से टीचिंग लाइन में हो और जिसको छोटे बच्चो को पढ़ाने के तरीके जनता हो कोसिस करें की ट्यूशन टीचर एक महिला ही हो।  

छोटे बच्चों को एक घंटे से ज्यादा समय की ट्यूशन पर कभी मत भेजें क्युकी यह समय उनके खेलने कूदने का होता है जिससे उनका मानसिक और शारीरक विकास होता है अगर आप उनको सारा दिन पढ़ने में निकल जायगा तो दूसरे कामो में वो जी चुराने लग जायेंगे। 

पढ़ने के लिए उत्साहित करें

छोटे बच्चे एक मिरर(mirror) के जैसे होते हैं उनको आप जैसा सिखाओगे वो वैसा ही बनता चला जायगा इसीलिए आप उनको हमेशा स्टोरीज सुनाएँ जिनमे पढाई की वैल्यू का सार निकले ऐसा करके आप उनके मन में पढाई को लेकर एक गहरी लगन बनेगी.

छोटे बच्चो को आप बहुत जल्दी पढ़ने के लिए उत्साहित कर सकते हैं आप उनको अच्छे अंक लाने पर गिफ्ट दे सकते हैं जिससे उसके अंदर पढ़ने की रूचि बनेगी.

अच्छे स्कूल से शिक्षा दिलवाएं

Parents को चाहिए की वो अपने बच्चों की अच्छे स्कूल में पढाई करवाएं क्युकी स्कूल ही आपके बच्चो के फ्यूचर को बनाने में मदद करता है पर अगर स्कूल की शिक्षा ही ख़राब होगी तो एक इंटेलीजेंट बच्चा भी वहां जाकर नालायक बन जायगा.

इसीलिए आपको चाहिए की जिस भी स्कूल में आप अपने बच्चो को एडमिशन दिलवा रहें हैं वहां के टीचर्स बच्चो को लेकर क्या सोच रखते हैं उनकी एजुकेशन लेवल क्या है और कैसे वो आपके बच्चों को शिक्षित करने वाले हैं.

उनको आज्ञाकारी बनायें

एक आज्ञाकारी बच्चा सौ इंटेलीजेंट बच्चो से बेहतर होता है क्युकी बच्चों को आज्ञाकारी बनाना आसान नहीं होता पर छोटे बच्चों को पढ़ाना उतना ही आसान. 

अगर आपका बच्चा पढ़ने में तेज़ है पर आपकी बात नहीं मानता और दुसरो को उल्टा सीधा बोलता है, गालियां देता है तो आने वाले समय में यह आपके लिए बहुत बड़ी समस्या बन जायगी. 

इसीलिए पढाई के साथ साथ आपको अपने बच्चों को समझदार और आज्ञाकारी बनाना होगा तभी जाकर वो आपको और देश को खुशहाल बना पाएंगे.

उठने, बैठने, और बोलने की तहज़ीब सिखाएं

आजकल ज्यादातर बच्चों में यही देखा जाता है की बच्चा जब किसी गेस्ट के घर जाता है तो वहां जाकर दुसरो के साथ कैसा विवहार करता है उनको कितने प्यार से बोलता है और लोग ज्यादा इसी बातों पर ज्यादा ध्यान देते हैं पढाई के बारे में तो सब बाद में पूछते हैं. 

अगर आपके बच्चों को बोलने की तहज़ीब नहीं है और बड़ो के ऊपर हाथ चलाने, गालियां निकालने की आदत है तो आपको उनके इन हरकतों पर रोक लगानी होगी नहीं तो आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है.

जो बच्चे बिगड़ैल होते हैं उनके पेरेंट्स उतने ही uneducated और छोटी सोच के होते हैं इसीलिए एजुकेशन हर वर्ग के लोगों के लिए बहुत जरुरी होती है और दुसरो को शिक्षित करने से पहले आपको खुद की सोच और उठने बैठने, बोलने, और अनुशासित रहना होगा.

सारांश

छोटे बच्चो को पढ़ाना (Chote Baccho Ko Padhana) हर पैरेंट का फ़र्ज़ होता और पढाई के साथ साथ उनको सही इन्सान बनाना भी बहुत जरुरी होता है क्युकी एकेली शिक्षा आ जाने से सब ठीक नहीं हो सकता. 

अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगे तो अपने  मित्रों के साथ जरूर साँझा करें और अगर आपका कोई सवाल है तो  हमे कमेंट करके पूछ सकते हैं. 

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